नौगढ़ में वन भूमि पर चला प्रशासन का हंटर: सीएचसी के सामने से हटा अवैध कब्जा, दुकानदारों में हड़कंप
(रिपोर्ट- मदन मोहन/ नौगढ़/ चंदौली )
नौगढ़ में स्थानीय तहसील क्षेत्र के जयमोहनी रेंज अंतर्गत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) नौगढ़ के सामने स्थित आरक्षित वन भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए शनिवार को प्रशासन और वन विभाग की टीम ने संयुक्त रूप से बड़ी कार्रवाई की। उपजिलाधिकारी (एसडीएम) नौगढ़ के निर्देश पर वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर आरक्षित भूमि पर अवैध रूप से डंप की गई भारी मात्रा में बालू, बोल्डर और भक्शी को जेसीबी लगाकर हटवा दिया। प्रशासन की इस औचक कार्रवाई से अतिक्रमणकारियों में हड़कंप मच गया।
दरअसल, पिछले कुछ समय से जयमोहनी रेंज कार्यालय और तहसील प्रशासन को शिकायतें मिल रही थीं कि सीएचसी नौगढ़ के ठीक सामने की कीमती आरक्षित वन भूमि पर कुछ लोगों द्वारा अवैध रूप से निर्माण सामग्री का भंडारण कर कब्जा जमाया जा रहा है। मामले को गंभीरता से लेते हुए उपजिलाधिकारी नौगढ़ विनय मिश्रा ने त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। उनके निर्देश पर एक्टिव हुई वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर पूरी मुस्तैदी के साथ अवैध रूप से रखी गई निर्माण सामग्री को जब्त करते हुए जमीन को खाली कराया।
चिन्हित हो रही हैं अवैध दुकानें और गुमटियां, जल्द चलेगा बुल्डोजर
कार्रवाई के संबंध में जानकारी देते हुए वन क्षेत्राधिकारी अमित श्रीवास्तव ने बताया कि आरक्षित वन भूमि पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण, निर्माण सामग्री का भंडारण अथवा व्यावसायिक गतिविधि करना कानूनन अपराध और पूर्णतः प्रतिबंधित है। उन्होंने सख्त लहजे में चेतावनी दी कि वन भूमि पर अवैध कब्जा करने वालों के विरुद्ध 'भारतीय वन अधिनियम' एवं अन्य प्रासंगिक कानूनी धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
वन क्षेत्राधिकारी ने आगे बताया कि:
सीएचसी के सामने और आस-पास वन भूमि पर गुमटी, दुकान या अन्य अस्थायी निर्माण कर अवैध रूप से व्यवसाय संचालित करने की भी गंभीर शिकायतें मिली हैं। ऐसे सभी अवैध निर्माणों का सर्वे शुरू करा दिया गया है। जिन लोगों ने भी वन भूमि को कब्जाया है, उन्हें चिन्हित कर जल्द ही उनके खिलाफ भी बड़े स्तर पर अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया जाएगा।"
वन विभाग ने आमजन से की सहयोग की अपील
प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे सरकारी व आरक्षित वन भूमि पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण न करें। साथ ही, पर्यावरण और सरकारी संपत्ति की सुरक्षा में सहयोग करते हुए यदि कहीं भी आरक्षित वन भूमि पर अवैध कब्जा, अवैध खनन सामग्री का भंडारण या अन्य कोई संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे, तो इसकी सूचना तुरंत वन विभाग को दें। उन्होंने साफ किया कि क्षेत्र को पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त कराने तक यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।



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